Monday, November 28, 2022

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जब पढ़ाई बन जाय जिद, कड़ी मेहनत का मिला फल और बन गए IRS

आमतौर पर देखा जाता है कि

लोग आर्थिक स्थिति मजबूत होकर और भरपूर संसाधन के बावजूद अपने मंजिल तक नहीं पहुंच पाते हैं, तो कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो चिमनी में पढ़ाई करके सफलता हासिल कर लेते हैं.इनमें से एक नाम राजस्थान के रहने वाले मिंटू लाल का है.जिन्हें कहानी ने हर किसी को भावुक कर दिया.

मिंटू राजस्थान के दौसा के रहने वाले हैं

उनके परिवार में माता-पिता ने कभी स्कूल नहीं देखा.वे अनपढ़ ही रह गए.भैंस चराकर अपने परिवार का पेट पालते.खुद अनपढ़ रहे लेकिन अपने बेटे को बड़ा सपना दिखाया.मिंटू जब छोटा था तो उसे स्कूल जाना बिल्कुल पसंद नहीं था, वह स्कूल जाने से डरता था.लेकिन मां-पिता ने उन्हें स्कूल भेजने का फैसला लिया.जैसे- तैसे मिंटू स्कूल गया.सरकारी स्कूल से उसने पढ़ाई की.फिर कठिनाईयों को झेलकर उसने वो कर दिखाया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया.

मिंटू ने एक इंटरव्यू में बताया था कि

उनके माता-पिता अनपढ़ हैं.उनके साथ उन्हें भी भैंस चराने जाना पड़ता था. स्कूल में एडमिशन होने के बाद अब परेशानी आई तो पढ़ाई करने की, क्योंकि घर पर बिजली नहीं थी.लेकिन कहते हैं ना जहां चाह होती है राह मिल ही जाती है.मिंटू के घर के पास थोड़ी ही दूर पर पपलाज माता का मंदिर है, जहां अच्छी खासी रौशनी रहती है.मिंटू रोज माता के मंदिर में बैठकर पढ़ाई किया करते थे.जब वो बड़े हुए समझदार हुए तो उन्होंने एक अखबार में पढ़ा कि कैसे एक सिविल सेवा अधिकारी की तारीफ होती है, कैसे वह बड़े-बड़े काम करते हैं.फिर वहीं से मिंटू के मन में भी आईएएस अधिकारी बनने का ख्याल आया.


मिंटू ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके माता-पिता अनपढ़ हैं.उनके साथ उन्हें भी भैंस चराने जाना पड़ता था. स्कूल में एडमिशन होने के बाद अब परेशानी आई तो पढ़ाई करने की, क्योंकि घर पर बिजली नहीं थी.लेकिन कहते हैं ना जहां चाह होती है राह मिल ही जाती है.मिंटू के घर के पास थोड़ी ही दूर पर पपलाज माता का मंदिर है, जहां अच्छी खासी रौशनी रहती है.मिंटू रोज माता के मंदिर में बैठकर पढ़ाई किया करते थे.जब वो बड़े हुए समझदार हुए तो उन्होंने एक अखबार में पढ़ा कि कैसे एक सिविल सेवा अधिकारी की तारीफ होती है, कैसे वह बड़े-बड़े काम करते हैं.फिर वहीं से मिंटू के मन में भी आईएएस अधिकारी बनने का ख्याल आया.

घर पर यूं शुरू करें IAS बनने के लिए तैयारी

IAS बनने का सपना देखने वाले अकसर छात्र यही सोचते हैं कि घर पर सिविल सर्विस (सीएस) के एग्जाम की तैयारी कैसे शुरू की जाए.सीएस एग्जाम की तैयारी के लिए सीधे कोचिंग क्लास में चले जाना ही शुरुआती रणनीति नहीं होनी चाहिए.आइए आज जानते हैं कि आप कैसे तैयारी की शुरुआत कर सकते हैं.

यह बहुत ही अहम सवाल है क्योंकि

सीएस एग्जाम की तैयारी सही समय पर करनी चाहिए.न बहुत जल्दी और न बहुत देर से.यूपीएससी के डेटा के मुताबिक, सीएस एग्जाम क्लियर करने वाले ज्यादातर कैंडिडेट्स 23-28 साल के होते हैं.आप इसी उम्र के आसपास तैयारी शुरू कर सकते हैं.अगर कोई 15 साल की उम्र से ही तैयारी शुरू कर दे तो यह बहुत जल्दी होगी.आमतौर पर जब आप ग्रैजुएशन के फाइनल ईयर में होते हैं तो 20-22 साल की उम्र में तैयारी शुरू कर देनी चाहिए.

सीएस एग्जाम की बेसिक्स को जानें

तैयारी शुरू करने से पहले आपको कुछ जरूरी जानकारी जुटानी चाहिए.जैसे सिविल सर्विसेज एग्जाम क्या होता है, इसके लिए योग्यता क्या है और कैसा पाठ्यक्रम होता है.बेसिक्स क्लियर होने के बाद आप सही से रणनीति बना सकते हैं.आईएएस प्रीलिम्स और मेन्स एग्जाम की तैयारी में फर्क होता है.प्रीलिम्स के लिए आपको बहुत सारी जानकारी चाहिए होगी लेकिन गहराई से नहीं.लेकिन मेन्स के लिए आपको किसी भी टॉपिक की बहुत गहराई तक जानकारी होनी चाहिए.

तैयारी के लिए सही किताबों का चुनाव

बहुत ही जरूरी है.आपको उन किताबों का अध्ययन करना चाहिए जो सीएस एग्जाम के लिए सुझाई जाए.आपको इन किताबों को दो बार पढ़ना चाहिए. पहली बार में तो एक-एक करके सारे चैप्टर पढ़ जाएं.दोबारा में सिर्फ अहम चैप्टरों को पढ़ें.अगर आप प्रीलिम्स या मेन्स से पहले इन किताबों का एक बार फिर अध्ययन कर लें तो काफी अच्छा होगा.

सही न्यूजपेपर और मैगजीन पढ़ें

अगर आपको मालूम नहीं हैं तो जान लें कि सिविल सर्विसेज के एग्जाम में करंट अफेयर्स और जनरल अवेयरनेस काफी मायने रखता है.पेपर 1 में करंट अफेयर्स और जनरल अवेयरनेस से कम से कम 30-40 सवाल आते हैं.इन चीजों को कवर करने के लिए आपको रोजाना अच्छे समाचार पत्र और मैगजीन का अध्ययन करना चाहिए.

एक शेड्यूल बनाएं और उस पर अमल करें

जब आप घर पर तैयारी शुरू करते हैं तो इस बात का डर रहता है कि आप आराम को तरजीह देंगे. इसके लिए आपको 10-12 महीने की योजना बना लेनी चाहिए.अपने समय को पेपर 1 और 2 में बांट लें.

प्रीलिम्स का पेपर 2 सिर्फ

क्वालिफाइंग नेचर का है, इसलिए उस पर बहुत ही ज्यादा फोकस न करें.इसकी बजाय आपको पेपर 1 यानी जनरल स्टडी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए

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