Sunday, November 27, 2022

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हिन्दू नहीं है समीर वानखेड़े, अब शादी का निकाह नाम हुआ वायरल तो काजी ने किया बड़ा खुलासा

शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन को गिरफ्तार करने के बाद समीर वानखेड़े चर्चा में आये और उसके बाद से लगातार नवाब मलिक समीर के पीछे लगे हुए है वह लगातर इनकी जिंदगी के अनेक राज खोलने में लगे हुए है।

समीर वानखेड़े ने दावा किया था की वह हिन्दू है लेकिन अब जो सच सामने आ रहा है वह हैरान करने वाला है हालंकि एक अच्छे व्यक्ति का धर्म कुछ भी हो मायने नहीं रखता है लेकिन समीर पर आरोप लगा है की उन्होंने जाति-धर्म बदलकर नौकरी पाई है। आइये जानते है उनपर कैसे आरोप लगे है –

समीर वानखेड़े की पहली शादी का निकाह नाम


नवाब मलिक ने ट्विटर पर समीर और उनकी पहली पत्नी डॉक्टर। शबाना कुरैशी की शादी का निकाह नाम शेयर किया इसमें उन्होंने लिखा की कैसे धर्म बदलकर अब लोगों की सिम्पथी पाई जा रही है लेकिन समीर ने इस निकाह नामे पर कोई जवाब नहीं दिया।

बाद में नवाब में समीर का जन्मप्रमाण पत्र भी जारी किया इसमें उनका नाम समीर दाउद वानखेड़े लिखा हुआ है ऐसे में साफ होता है की वह मुस्लिम परिवार से ताल्लुख रखते है लेकिन सच्चाई क्या है आप इस तरह जान सकते है।

समीर के पिता ने दी सफाई

समीर के पिता द्यानदेव ने कहा की उनके लड़के की शादी मुस्लिम रीति रिवाज से हुई चूँकि उसकी पत्नी एक मुस्लिम थी वहीँ एक बात और सामने आई की समीर की माता मुस्लिम धर्म से ताल्लुख रखती है।

2006 में समीर ने शबाना से शादी करी लेकिन 2016 में दोनों के बिच तलाक हो गया और अब वह मराठी फिल्म अभिनेत्री क्रांति रेडकर से शादी किये हुए है। इनकी शादी 2017 में हिन्दू रीति रिवाज से हुई।

समीर के पिता ने बताया की वह हिन्दू है और उनकी सन्तान भी हिन्दू ही होगी लेकिन उनकी बेटी का नाम यस्मिन दाउद है और उसकी शादी एक मुस्लिम परिवार में हुई है ऐसे में उनपर सवाल लगातर उठ रहे है की समीर ने नौकरी पाने के लिए गलत तरह से अपने धर्म और जाति का उपयोग किया है।

वानखेड़े के खिलाफ है नवाब मलिक

नवाब मलिक लगातर वानखेड़े की पोल खोल रहे है और उन्होंने अभी तक जो भी शेयर किया है वह सत्य है। काजी मुजमिल अहमद ने बताया की उन्होंने समीर और उनकी पत्नी शबाना की शादी करवाई थी उन्होंने खुद यह निखानामा पढवाया था। उस समय उनका पूरा परिवार मुस्लिम था अगर उनका परिवार मुस्लिम नहीं होता तो वह निकाहनामा पढाते ही नहीं।

लेकिन अब सवाल यह उठता है की 2008 में समीर ने NCB ज्वाइन करी उस वक्त उन्होंने कौनसे दस्तावेज दिए थे चूँकि हो सकता है उस समय उनका धर्मं अलग था या बाद में धर्म बदला है तो धर्म के अनुसार उन्हें मिलने वाले अनेक लाभ भी खत्म किये जा सकते है।

हालाँकि अभी यह बहस जारी है और इस बहस की लेटेस्ट अपडेट के लिए आप हमें फॉलो जरुर करें ताकि आपको रोजाना हम ऐसी जानकारी देते रहें।

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