Wednesday, November 30, 2022

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लता मंगेशकर, जिन्होंने डूंगरपुर के राजा को अपना दिल दे दिया, उनसे नियमित रूप से मुलाकात की, एक क्रिकेट मैच के दौरान पहली मुलाकात हुई।

बहुत दुखद भारत देश की एक बहुत ही बड़ी क्षति हुई

सभी की लोकप्रिय गायिका लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रही हैं. उन्होंने इस दुनिया को 92 वर्ष की उम्र में अलविदा कहा ऐसे में पूरा देश और फैंस को काफी ज्यादा सदमा लगा है. गायिका लता मंगेशकर जी के दुनिया से चले जाने से देश काफी बड़ी क्षति हुई है.

इस करोना महामारी में बहुत से अपनों को जुदा किया है

और इस महामारी ने सभी की चहिती गायिका लता मंगेशकर जी भी जिंदगी की जंग हार गई. गायिका लता मंगेशकर जी ने वह जादू चलाया था अपनी आवाज से दर्शकों के दिलो और दिमाग पर के उन्हें भूल पाना नामुमकिन है. उनकी आवाज ने हजारों दिलों को बेकरार किया था शानदार सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर जी ने बॉलीवुड फिल्मी दुनिया में अपनी गायकी से काफी ज्यादा शोहरत हासिल की थी.

लेकिन लता मंगेशकर लता मंगेशकर जी की ज़ाती ज़िन्दगी को लेकर चर्चा करेंगे कि

मैं लता मंगेशकर जी ने काफी नाम कमाया. बॉलीवुड फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है ऐसा मुकाम हासिल किया है जो किसी और को नहीं मिल सका है. बॉलीवुड और देश भर को काफी भारी क्षति हुई है. इस क्षति की पूर्ति कोई नहीं कर सकता.आपसे लता मंगेशकर जी के जीवन से जुड़ी कुछ बातें साझा करेंगे.पूरा जीवन बीत गया लेकिन लता जी ने कभी भी शादी नहीं की इसी विषय पर आज हम आपसे चर्चा करने जा रहे हैं.


प्राप्त जानकारी के अनुसार आपको बता दें

स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आवाज की दुनिया दीवानी है. लेकिन उनके निजी जीवन के बारे में ज़्यादा लोग नही जानते हैं. उन्होंने पूरी उम्र शादी नहीं की. मगर प्यार से वह भी दूर नहीं रह पाईं. प्यार भी ऐसा कि, पूरी जिंदगी उसी के नाम कर दी. उन्हें राजस्थान के पूर्व डूंगरपुर राजघराने के राज सिंह से प्यार हुआ था. राज उन्हें प्यार से मिट्‌ठू बुलाते थे.

लता मंगेशकर और राज सिंह डूंगरपुर की दोस्ती कब प्यार में बदल गई.इसका अंदाजा तो उन दोनों को भी नहीं था.

राज लता के गानों के दीवाने थे. वे एक टेप रिकॉर्डर हमेशा अपनी जेब में रखते थे और उनके गाने सुनते थे.लता की क्रिकेट के प्रति दीवानगी भी छिपी नहीं है. अक्सर वह मैदान पर राज काे क्रिकेट खेलते देखने जाती थीं.दोनों अक्सर मिला करते थे.आपको बता दें राज 1959 में लॉ की पढ़ाई करने मुंबई गए थे. क्रिकेट खेलने के भी शौकीन थे. 1955 से ही राजस्थान रणजी टीम के सदस्य थे. मुंबई के क्रिकेट मैदान में लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर से मुलाकात हुई थी.उनके भाई अक्सर राज को अपने साथ घर लेकर जाते थे. राज सिंह पहली मुलाकात में ही लता को दिल दे बैठे थे. धीरे-धीरे बात शुरू हुई. लता रिकॉर्डिंग में बिजी रहती थीं. बिजी शेड‌्यूल के कारण ज्यादा मिल नहीं पाती थीं. ऐसा खा जाता हैं राज उनके गाने सुनकर उनकी कमी को पूरा करते थे. फुर्सत मिलते ही दोनों मिलते थे.कहते हैं राज और लता को एक-दूसरे का साथ बहुत पसंद था.मोहब्बत परवान पर थी. दोनों शादी करना चाहते थे. राज ने एक बार अपने माता-पिता से कहा था. कोई आम लड़की आपके राजघराने की बहू नहीं होगी.लता में गुण खूब थे. लेकिन एक साधारण परिवार से थीं. राज परिवार के आगे झुक गए.शादी न होने के बाद भी दोनों ने एक-दूसरे का साथ दिया था. कई चैरिटी में साथ काम किया था. लेकिन दोनों की मोहब्बत केवल याद बनकर रह गई है.वहीं राज सिंह के बारे में बात करें तो आपको बता दें राज सिंह का जन्म राजस्थान के डूंगरपुर में 19 दिसंबर 1935 को एक राज परिवार में हुआ था. वे डूंगरपुर के महाराजा लक्ष्मण सिंह के छोटे पुत्र थे. राज सिंह ने 1955 से 1971 के दौरान 86 प्रथम श्रेणी मैच खेले थे. उन्होंने 16 सालों तक प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला और करीब 20 वर्षो तक BCCI से जुड़े रहे. 12 सितंबर वर्ष 2009 को उनका निधन हो गया.दुर्भाग्यवश सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर की यह प्रेम कहानी अधूरी रह गई. और उन्होंने जीवन भर शादी नहीं की.

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